बजट सत्र 2026 से पहले सभी दलों की महत्वपूर्ण बैठक

घर बजट सत्र 2026 से पहले सभी दलों की महत्वपूर्ण बैठक

बजट सत्र 2026 से पहले सभी दलों की महत्वपूर्ण बैठक

26 मार्च 2026

在 : Sharmila PK राजनीति टिप्पणि: 10

27 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे भारत सरकार ने संसद के सत्र शुरू होने से ठीक पहले एक बहुत ही जरूरी कदम उठाया। नई दिल्ली के संसद भवन में आयोजित इस सर्व-पक्षीय बैठक का उद्देश्य स्पष्ट था—लौटाते हुए अगले दिन शुरू होने वाले बजट सत्र को बिना किसी रुकावट के चलाना। इस बैठक में प्रधानमंत्री कार्यालय सहयोगियों समिति और विधिमार्ग के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षांप्रमुखों को शामिल किया गया था।

बेसिक बात यह है कि संसद में गतिरोध पैदा करने वाली स्थितियां रोकने के लिए सरकार ने यह पहल की। लेकिन क्या वाकई इससे कुछ अंतर आएगा? यही सवाल कई आलोचकों के मन में थे जब इस जानकारी की सूचना दी गई।

बैठक में कौन और कैसे जुड़े?

इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे किरेन रिजीजू, संसदीय कार्य मंत्री, जो अपने व्यवस्थित तरीके के लिए जाने जाते हैं। उनके हाथ में थी 26 से अधिक राजनीतिक दलों की लिस्ट। इनमें कांग्रेस जैसे बड़े दल से लेकर छोटे क्षेत्रीय दलों के नेता भी शामिल थे। खास तौर पर कांग्रेस के जयराम रमेश और प्रमोद तिवारी जैसे जानिए लोगों ने हिस्सा लिया। वहीं, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और तृणमूल कांग्रेस की शतब्दि रॉय ने भी अपनी चिंताएं रखने का मौका लिया।

यह सिर्फ एक आम चर्चा नहीं थी, बल्कि यह एक समन्वय प्रक्रिया थी जिसमें दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा के नेता शामिल थे। बीजू जनता दल (BJD) के डॉ. असमिट पात्रा और एआईएडमक के एम. тамबी दुरै जैसे नेताओं ने सदन के कामकाज में सहयोग देने की बात की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक इस बात को सुनिश्चित करने के लिए थी कि जब भी कोई विधेयक पास हो, वह बाधाओं के बिना हो।

रात का षड़यंत्र और रणनीतिक मीटिंग

उस दिन का दिन रोमियो और जूलिएट नहीं था, बल्कि उस रात की राजनीति ज्यादा चौंकाने वाली थी। शाम होते-होते नई रणनीति बनानी थी। खबर मिलती है कि रामनाथ सिंह, रक्षा मंत्री के निवास पर शाम को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति नहीं थी, बल्कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह जैसे शीर्ष नेता शामिल थे।

यह बैठक सचमुच में 'स्ट्राटेजी सेशन' था। वहां बहस का विषय यह था कि बजट सत्र के दौरान opposition (विरोधी पक्ष) से कब तक और किस हद तक लचीलापन दिखाया जाए। पियुष गोयल और भूपेंद्र यादव जैसे मंत्रियों ने भी अपनी राय दी। ऐसा कहा जा रहा था कि यह सत्र पिछले दो वर्षों में सबसे लंबा और महत्वपूर्ण होगा।

बजट सत्र का कैलेंडर और समयसीमा

यह सब इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 28 जनवरी 2026 को ही संसद का दरवाजा खुल चुका था। इस अवसर पर दroupadi मुर्मू, राष्ट्रपति ने संयुक्त सत्र को संबोधित किया। लेकिन असली खेल तो अभी शुरु होता। सत्र को दो भागों में बांटा गया था: पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक, और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक। कुल मिलाकर 30 बैठकें रखी गई हैं।

बड़ा प्लेटफॉर्म तब तैयार हुआ जब निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री ने 1 फरवरी 2026 (रविवार) को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका नौवां लगातार पूर्ण बजट था। आमतौर पर लोग सोमवार को बजट की उम्मीद करते हैं, लेकिन इस बार रविवार को इस तरह की व्यवस्था करना सरकार की ताकत की भी निशानी थी।

परिप्रेक्ष्य और इसके प्रभाव

परिप्रेक्ष्य और इसके प्रभाव

अक्सर लोग पूछते हैं कि यह सर्व-पक्षीय बैठक क्यों होती है? यह प्रक्रिया डेमोक्रेसी की ताकत होती है। जब सभी पार्टियां एक साथ बैठती हैं, तो यह संकेत देती है कि देश के नीतिगत फैसले केवल एक पक्ष की नजरिए से नहीं, बल्कि सहमति से हो रहे हैं। हालांकि, 2020 के बाद से ऐसे मुलाकातों की आवृत्ति बदल रही है। इस बार यह बैठक 2024 के चुनाव परिणामों के बाद एक सामरिक मंच बन गया था।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर इन बैठकों का असर दिखना शुरू हो जाता है, तो आने वाले तीन सालों में लोकतंत्र की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या 26 दलों की सहमति से संसद की गति बढ़ेगी? अब तो हम देखेंगे कि कैसे ये नियम लागू होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों 27 जनवरी को यह बैठक बुलाई गई?

27 जनवरी की बैठक इसलिए बुलाई गई क्योंकि अगले ही दिन, 28 जनवरी से संसद के बजट सत्र की शुरुआत होनी थी। सरकार चाहती थी कि विभिन्न राजनीतिक दल और सदस्यों के बीच समन्वय हो ताकि सत्र के दौरान कामकाज में कोई बाधा न आए।

निर्मला सीतारमण ने कब बजट पेश किया?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह रविवार का दिन था, जो कि अनौठ माना गया। यह उनका नौवां लगातार पूर्ण बजट था जो उन्होंने तैयार किया था।

बजट सत्र कब-कब चल रहा था?

बजट सत्र दो चरणों में विभाजित था। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक था, और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया गया था। कुल मिलाकर 30 बैठकों का प्रावधान बना था।

किसकी उपस्थिति में यह सर्व-पक्षीय बैठक हुई?

बैठक संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू की अध्यक्षता में हुई। इसमें 26 से अधिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें जयराम रमेश, रामगोपाल यादव और अन्य प्रमुख नेता शामिल थे।

टिप्पणि
Mona Elhoby
Mona Elhoby
मार्च 27 2026

सच कहूँ तो यह सब नाटक है | लोग बैठक कहते हैं पर असली फैसले तो पीछे होती हैं | हमें सिर्फ खाना दिखलिया जाता है और पेट भरने की उम्मीद रखी जाती है | इससे क्या फरक पड़ता है कि वक्त कितना अच्छा है या कितना बुरा | कोई भी काम नहीं होगा फिर भी शोर मचा रहे हैं | आधुनिक राजनीति केवल दिखावा बन गई है |

RAJA SONAR
RAJA SONAR
मार्च 28 2026

यह तो इतिहास का मोड़ होगा

Mukesh Kumar
Mukesh Kumar
मार्च 29 2026

अरे यार सकारात्मक रहो | हर चीज़ में कुछ अच्छा जरूर होगा | लोगों की मेहनत बेकार नहीं जाएगी | उम्मीद ही जीवन का आधार है | हम सबको एक साथ खड़ा होना चाहिए | समस्याएं होंगी पर समाधान भी निकलेगा |

Arjun Kumar
Arjun Kumar
मार्च 30 2026

मुझे लगता है तुम थोड़े ज्यादा निराश हो | अक्सर चीज़ें अपेक्षा से बेहतर होती हैं | मैं तो सोचता हूँ कि बदलाव आ सकता है | लेकिन हाँ तंत्रिकाओं का इस्तेमाल कम करना चाहिए |

Ayushi Kaushik
Ayushi Kaushik
मार्च 31 2026

पहले तो यह समझना जरूरी है कि यह सत्र क्यों इतना खास माना जा रहा है। आजकल हर तरफ से आवाजें आ रही हैं कि बदलाव की चुनौती बहुत बड़ी है। लोगों की उम्मीदें बहुत ऊंची हो चुकी हैं और ये जरूरी है कि उनका सहारा बना रहे। अगर हम सही दिशा में कदम नहीं बढ़ाएंगे तो समस्याएं और गहरी होती जाएंगी। कई बार नीतियां तो बनाई जाती हैं पर जमीन पर लागू नहीं होतीं। इसलिए इस बार योजनाओं के क्रियान्वयन पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए। किसानों की चिंताओं का ख्याल रखना सबसे अहम काम है। युवा वर्ग को रोजगार देने का रास्ता ढूंढना होगा। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए बड़े फैसले आएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को हर घर तक पहुँचाना अब अनिवार्य हो गया है। महिलाओं की सुरक्षा और स्वामित्व को बढ़ाने वाले कानून चाहिए। वातावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए ग्रीन इनोवेशन ज़रूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ानी होगी। शहरों की भीड़भाड़ और ट्रैफिक की समस्या का भी हल निकालना है। डिजिटल करेंसी और पैन कार्ड जैसे मुद्दों पर स्पष्टता लानी होगी। मुझे लगता है कि इस बैठक से देश का भविष्य बदल सकता है।

Govind Vishwakarma
Govind Vishwakarma
अप्रैल 2 2026

आंकड़े झूठ नहीं बोले | पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था | भरोसा मत करोगे तो ठीक है पर रिकॉर्ड सामने है

Rakesh Pandey
Rakesh Pandey
अप्रैल 3 2026

देखो सब शांत हो जाओ जल्दीबाजी से कुछ नहीं होगा बस रुके हुए समय में आगे बढ़ना है

aneet dhoka
aneet dhoka
अप्रैल 4 2026

पृष्ठभूमि में कुछ और चल रहा है ये समय गणना संयोग नहीं है ग्लोबल एजेंडा का हिस्सा लगता है

Basabendu Barman
Basabendu Barman
अप्रैल 6 2026

इतिहास पुनरावर्ती होता है जो 1947 में हुआ था वो 2026 में दोहरा रहा है डेटा सीरीज देखिएगा तो पता चलेगा

Krishnendu Nath
Krishnendu Nath
अप्रैल 8 2026

मैं तो बहुत उत्सहित हूँ कुछ नया होने वाला है उम्मीद है सब ठीक रहेगा

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