ऑलिवर पीक की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने आईसीसी यू-19 क्रिकेट विश्व कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की

घर ऑलिवर पीक की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने आईसीसी यू-19 क्रिकेट विश्व कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की

ऑलिवर पीक की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने आईसीसी यू-19 क्रिकेट विश्व कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की

15 दिस॰ 2025

ऑस्ट्रेलिया ने 11 दिसंबर, 2025 को आईसीसी यू-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की, जिसमें 19 साल के विक्टोरिया के बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ऑलिवर पीक को कप्तान नियुक्त किया गया। यह टूर्नामेंट 15 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 तक नामीबिया और ज़िम्बाब्वे में आयोजित किया जाएगा, जहाँ ऑस्ट्रेलिया अपना 2024 का खिताब बचाने की कोशिश करेगी। यह टीम उसी जोश और अनुभव के संयोजन से भरी हुई है, जिसने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका में भारत को हराकर ऑस्ट्रेलिया को चौथा यू-19 विश्व कप खिताब दिलाया था। अब वे ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने की ओर बढ़ रहे हैं — पहला ऐसा देश बनना, जो लगातार दो बार यू-19 विश्व कप जीते।

कप्तानी का भार: ऑलिवर पीक की बढ़ती उम्मीदें

ऑलिवर पीक को कप्तानी का जिम्मा देना कोई साधारण फैसला नहीं है। पिछले साल के विश्व कप फाइनल में भारत के खिलाफ अपने 46 अप्रतिहत रनों ने उसे अच्छी तरह से पहचान दिलाया था। अब वह न केवल बल्लेबाजी का बोझ उठाएगा, बल्कि टीम का मनोबल भी संभालेगा। उसने नवंबर 2025 में कैनबर्रा में प्रधानमंत्री की टीम के लिए इंग्लैंड के एशेज सदस्यों के खिलाफ आधा शतक भी लगाया था — एक ऐसा अवसर जहाँ उसकी शांत आत्मा और दृढ़ निश्चय ने सबको प्रभावित किया। टीम के प्रशिक्षक टिम नीलसन ने कहा, "हमें यकीन है कि ऑलिवर अपनी शांत अदाकारी और ताकतवर नेतृत्व के साथ इस टीम को आगे बढ़ाएगा।"

नए चेहरे, नई उम्मीदें: नीटेश समुअल और नाडेन कूरे

टीम में तीन नए चेहरे शामिल हैं, जिन्होंने पर्थ में आयोजित यू-19 राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में अपना नाम दर्ज किया। सबसे चमकता हुआ नाम नीटेश समुअल है — उसने 364 रन बनाए, जिसमें औसत 91 था, और टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया। उसके साथ ही नाडेन कूरे (जिन्हें आईसीसी क्रिकेट ने नाडेन कूरे के रूप में दर्ज किया है) और विलियम टेलर भी शामिल हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, नीटेश और नाडेन दोनों श्रीलंकी मूल के हैं — यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की बहुसांस्कृतिक प्रकृति का एक और स्पष्ट प्रमाण है। इन नए खिलाड़ियों ने टीम को नए स्तर की गहराई दी है, जिसे नेशनल डेवलपमेंट की हेड सोनिया थॉम्पसन ने "अनुभव और नई ऊर्जा का संगम" बताया।

ग्रुप स्टेज: ऑस्ट्रेलिया की चुनौती — आयरलैंड, जापान, श्रीलंका

ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप सी में रखा गया है, जहाँ वे आयरलैंड, जापान और श्रीलंका के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह ग्रुप आसान नहीं लगता — आयरलैंड ने पिछले विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था, जापान ने अपनी तकनीकी बेहतरी के साथ नई ऊर्जा दिखाई है, और श्रीलंका के खिलाड़ी जो अपने देश में तेजी से उभर रहे हैं, उनमें से कुछ नीटेश और नाडेन के साथ ही अपने घरेलू टूर्नामेंट में खेल चुके हैं। टॉप तीन टीमें सुपर सिक्स में पहुँचेंगी, और वहाँ असली चुनौतियाँ शुरू होंगी।

टूर्नामेंट एम्बेसडर: तातेंडा ताइबू का प्रेरणादायक संदेश

इस टूर्नामेंट का आधिकारिक एम्बेसडर तातेंडा ताइबू हैं — ज़िम्बाब्वे के पूर्व कप्तान, जिन्होंने 195 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने खुद यू-19 विश्व कप से शुरुआत की थी, और बाद में अपने देश के लिए एक अमर नाम बने। उनका नाम लेकर टूर्नामेंट को एक गहरा भावनात्मक आयाम मिला है। "जब मैं यू-19 टीम में खेल रहा था, तो मुझे लगता था कि मैं इतना दूर नहीं जा पाऊँगा," ताइबू ने कहा। "अब मैं यह चाहता हूँ कि ये लड़के सोचें — अगर मैं कर सकता हूँ, तो वे भी कर सकते हैं।" उनकी उपस्थिति ने टूर्नामेंट को बस एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक यात्रा बना दिया है।

प्रशिक्षण और तैयारी: भारत दौरे का असर

टीम का अधिकांश हिस्सा सितंबर 2025 में भारत के दौरे से बच गया है, जहाँ ऑस्ट्रेलियाई युवा खिलाड़ियों ने भारतीय टीम के खिलाफ गहरी चुनौती का सामना किया था। उस दौरे ने उनकी तकनीक, रणनीति और मानसिकता को बदल दिया। नीलसन ने कहा, "भारत में खेलने का अनुभव बहुत अलग था। वहाँ की गर्मी, धूल और भीड़ ने हमारे लड़कों को एक नए स्तर पर ले जाया।" यही कारण है कि टीम को अब दो अलग-अलग मौसम और ग्राउंड पर खेलने की तैयारी करनी होगी — नामीबिया की गर्मी और ज़िम्बाब्वे की बारिश के बाद की नमी।

टूर्नामेंट का महत्व: क्यों यह दोहरा खिताब इतना बड़ा है?

अब तक किसी भी देश ने लगातार दो बार यू-19 विश्व कप नहीं जीता है। ऑस्ट्रेलिया के पास चार खिताब हैं — सबसे ज्यादा — लेकिन दोहरा खिताब उन्हें एक नए युग का नेता बना देगा। यह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक दावा है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का पायलट बेस अब निरंतर उत्पादन की दर से निर्मित हो रहा है। यह टीम उन युवाओं को दिखाएगी जो अभी अपने घरों में बैठकर टीवी पर खेल देख रहे हैं — कि अगर आप एक बेहतरीन बल्लेबाज़ हैं, या एक तेज़ गेंदबाज़, या एक बुद्धिमान फील्डर, तो आप भी एक दिन ऑस्ट्रेलियाई यू-19 टीम की जर्सी पहन सकते हैं।

अगला कदम: क्या देखने को मिलेगा?

जनवरी 15 को पहला मैच होगा, और उसके बाद हर दिन कुछ नया होगा। ऑस्ट्रेलिया के पहले मैच की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन वे शायद ज़िम्बाब्वे के हारारे में शुरुआत करेंगे। आईसीसी ने कहा है कि सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की तैयारी जारी है। अगर ऑस्ट्रेलिया सुपर सिक्स में पहुँच जाता है, तो फरवरी के आखिरी सप्ताह में फाइनल के लिए नामीबिया के विंडहुक शहर में जाना होगा। अगर वे जीतते हैं, तो दुनिया के सामने एक नया रिकॉर्ड बनेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑलिवर पीक ने पिछले विश्व कप में क्या उपलब्धि हासिल की?

ऑलिवर पीक ने 2024 यू-19 विश्व कप फाइनल में भारत के खिलाफ 46 अप्रतिहत रन बनाए, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता। उन्होंने टूर्नामेंट में चार पारियों में कुल 120 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल था। यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय अवसर था, और उसके बाद उन्हें कप्तानी का जिम्मा दिया गया।

टीम में श्रीलंकी मूल के खिलाड़ी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?

नीटेश समुअल और नाडेन कूरे दोनों श्रीलंकी मूल के हैं। नीटेश ने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में 364 रन बनाए और टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। नाडेन ने अपनी तेज़ गेंदबाज़ी और फील्डिंग के साथ टीम को गहराई दी। यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की बहुसांस्कृतिक प्रगति का प्रतीक है — जहाँ निर्माण रक्त या जाति नहीं, बल्कि प्रतिभा और लगन पर आधारित है।

क्या ऑस्ट्रेलिया कभी लगातार दो बार यू-19 विश्व कप जीत चुका है?

नहीं, अब तक किसी भी देश ने लगातार दो बार यू-19 विश्व कप नहीं जीता है। ऑस्ट्रेलिया के पास चार खिताब हैं, लेकिन कभी भी एक के बाद एक नहीं जीता। अगर वे 2026 में जीतते हैं, तो वे ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करेंगे और यू-19 क्रिकेट में अपनी श्रेष्ठता का नया मानक तय करेंगे।

टूर्नामेंट के लिए नामीबिया और ज़िम्बाब्वे की तैयारी कैसी है?

आईसीसी के अनुसार, दोनों देशों में सुरक्षा, ग्राउंड और आवासीय व्यवस्था पर काम जारी है। ज़िम्बाब्वे में हारारे और मास्टर्स ग्राउंड तैयार हो चुके हैं, जबकि नामीबिया में विंडहुक के लिए नए ट्रैक और टीवी स्टूडियो लगाए जा रहे हैं। यह टूर्नामेंट अफ्रीका के छोटे देशों के लिए एक बड़ा मौका है — जहाँ युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय आयोजन का अनुभव मिलेगा।

क्या टीम में कोई खिलाड़ी आईपीएल के लिए तैयार है?

हाँ, ऑलिवर पीक और नीटेश समुअल दोनों आईपीएल के लिए एक अच्छा विकल्प हैं। पीक की शांत बल्लेबाजी और समुअल की तेज़ रन बनाने की क्षमता टीम के लिए आकर्षक है। कई आईपीएल टीमों ने इन खिलाड़ियों को अपनी निगरानी में रखा है, और अगर वे इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो अगले साल अप्रैल में आईपीएल नीलामी में उनका नाम आ सकता है।

क्या ऑस्ट्रेलिया की टीम में कोई गेंदबाज़ बड़ी उम्मीद है?

जेडन ड्रेपर और विलियम टेलर दो ऐसे गेंदबाज़ हैं जिनकी उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं। ड्रेपर एक तेज़ ऑलराउंडर है जो बाएं हाथ से गेंदबाज़ी करता है और तेज़ रन बनाता है। टेलर एक लेग-स्पिनर है जिसने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में लगातार तीन मैचों में चार-विकेट लिए। उनकी गेंदबाज़ी अफ्रीकी ग्राउंड पर बहुत खतरनाक हो सकती है।

टिप्पणि
Mona Elhoby
Mona Elhoby
दिस॰ 15 2025

ओलिवर पीक को कप्तान बनाया? अरे भाई, वो तो बस एक फाइनल में 46 रन बनाया था... अब टीम का मनोबल संभालेगा? मजाक है या ये ऑस्ट्रेलियाई ब्यूरोक्रेसी का नया तरीका है कि जिसका नाम सबसे आसानी से बोला जा सके, उसे कप्तान बना दें? 😅

Arjun Kumar
Arjun Kumar
दिस॰ 15 2025

अरे यार, ये सब तो बहुत अच्छा है, पर एक बात समझ नहीं आ रही - जापान और श्रीलंका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की टीम का जोश तो बहुत है, लेकिन क्या हम भारतीय युवा खिलाड़ियों को भी इतना ध्यान देते हैं? हमारी टीम तो अभी भी टॉप 5 में नहीं पहुंच पा रही।

Jamal Baksh
Jamal Baksh
दिस॰ 16 2025

इस टीम की बहुसांस्कृतिक संरचना वास्तव में प्रेरणादायक है। नीटेश समुअल और नाडेन कूरे जैसे खिलाड़ियों का श्रीलंकी मूल होना, ऑस्ट्रेलियाई समाज की समावेशी नीतियों का जीवंत प्रमाण है। यह एक ऐसा नमूना है जिसे विकासशील देशों को अपनाना चाहिए - जहाँ प्रतिभा की पहचान जाति या नस्ल के आधार पर नहीं, बल्कि कार्यकुशलता के आधार पर होती है।

Harsh Gujarathi
Harsh Gujarathi
दिस॰ 17 2025

तातेंडा ताइबू का संदेश बहुत दिल छू गया ❤️ ये लड़के जो अभी घर पर टीवी देख रहे हैं, उनके लिए ये टूर्नामेंट सिर्फ क्रिकेट नहीं, एक सपना है। ऑस्ट्रेलिया के लिए दोहरा खिताब बहुत महत्वपूर्ण है - लेकिन इसका सच्चा जीत है जब कोई गाँव का लड़का अपने दोस्तों को बताए कि 'मैं भी एक दिन ऐसा कर सकता हूँ'।

Senthil Kumar
Senthil Kumar
दिस॰ 18 2025

बहुत अच्छी टीम बनी है। नीटेश का औसत 91? वाह। जेडन ड्रेपर की बाएं हाथ की गेंदबाजी अफ्रीका में बहुत खतरनाक होगी। ऑलिवर शांत है, लेकिन अच्छा कप्तान बनेगा। जीतना है तो जीतेंगे 😊

Rahul Sharma
Rahul Sharma
दिस॰ 20 2025

मैंने देखा कि ऑस्ट्रेलिया की युवा टीम का भारत दौरा उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा। गर्मी, धूल, भीड़ - ये सब उनकी मानसिकता को बदल दिया। यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव न केवल तकनीकी, बल्कि भावनात्मक रूप से भी खिलाड़ियों को बदल देता है। यही तो वास्तविक विकास है।

Ayushi Kaushik
Ayushi Kaushik
दिस॰ 21 2025

नीटेश समुअल का नाम सुनकर मुझे लगा कि ये भारतीय लड़का है... फिर पता चला कि ऑस्ट्रेलियाई है! ये बहुत अच्छी बात है। ऑस्ट्रेलिया अब सिर्फ गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी नहीं, बल्कि अपनी जनसांख्यिकी को भी रीइनवेंट कर रहा है। श्रीलंकी जड़ों वाले खिलाड़ियों को टीम में जगह देना - ये नीति है, न कि बस टैलेंट का चुनाव।

Basabendu Barman
Basabendu Barman
दिस॰ 22 2025

सुनो, ये सब बहुत अच्छा लग रहा है... लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि ये सारी टीम और कप्तानी फैसले असल में आईपीएल टीमों के लिए एक बड़ी फेक ड्रामा है? देखो, ऑलिवर पीक को कप्तान बनाया गया - ठीक है। लेकिन अगले साल आईपीएल नीलामी में उसका नाम क्यों आएगा? क्योंकि उसकी शांत बल्लेबाजी के लिए नहीं, बल्कि उसके नाम के लिए! ऑस्ट्रेलियाई बॉल्स और भारतीय बाजार - ये सब एक बड़ा गेम है।

dinesh baswe
dinesh baswe
दिस॰ 22 2025

जेडन ड्रेपर और विलियम टेलर की भूमिका को बहुत कम ध्यान दिया गया है। ड्रेपर की बाएं हाथ की गेंदबाज़ी और तेज रन बनाने की क्षमता, टेलर की लेग-स्पिन - ये दोनों ही अफ्रीकी पिचों पर टूर्नामेंट का मुड़ बदल सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया की जीत का राज यहीं छिपा है - बल्लेबाज़ी नहीं, गेंदबाज़ी की गहराई में।

mohit saxena
mohit saxena
दिस॰ 22 2025

बहुत बढ़िया टीम बनी है। नीटेश का 364 रन? वाह! और ऑलिवर की शांत अदाकारी... ये लड़के बस खेल नहीं, बल्कि दिमाग से खेल रहे हैं। अगर ये लोग फाइनल तक पहुँच गए, तो दुनिया को दिखाना होगा कि क्रिकेट अब बस बल्ला-गेंद नहीं, बल्कि बुद्धि और दृढ़ता का खेल है।

Sandeep YADUVANSHI
Sandeep YADUVANSHI
दिस॰ 22 2025

क्या आप जानते हैं कि ऑलिवर पीक के पिता एक ऑस्ट्रेलियाई बैंकर हैं और उनकी माँ एक फिल्म निर्माता? इसलिए उन्हें कप्तान बनाया गया - न कि उनकी प्रतिभा के लिए। ये सब एक बड़ा लॉबींग गेम है। नीटेश जैसे खिलाड़ियों को तो बस टूर्नामेंट में दिखाया जा रहा है - बाकी सब बैकग्राउंड बातें हैं।

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